रिलायंस इंडस्ट्रीज अब पूर्वोत्तर भारत में अपने निवेश को दोगुना करने की तैयारी में है। कंपनी के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान इसकी घोषणा की। उन्होंने बताया कि आने वाले वर्षों में रिलायंस पूर्वोत्तर राज्यों में 75,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। वर्तमान में कंपनी का इन क्षेत्रों में लगभग 30,000 करोड़ रुपये का निवेश है। यानी अगले पांच सालों में करीब 45,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त निवेश किया जाएगा।

कार्यक्रम की शुरुआत में मुकेश अंबानी ने ऑपरेशन सिंदूर की सफलता पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और देशवासियों को बधाई दी। इसके बाद उन्होंने बताया कि इस बड़े निवेश से पूर्वोत्तर भारत में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से 25 लाख रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। इसके साथ ही रिलायंस ने 350 बायोगैस प्लांट लगाने की भी प्रतिबद्धता जताई है।
रिलायंस का पूर्वोत्तर पर फोकस
मुकेश अंबानी ने बताया कि रिलायंस जियो का 5जी नेटवर्क अब पूर्वोत्तर भारत की 90 प्रतिशत से अधिक आबादी तक पहुंच चुका है। अभी तक 50 लाख लोग जियो 5जी नेटवर्क से जुड़े हुए हैं और इस साल के अंत तक यह संख्या दोगुनी होने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए रिलायंस रिटेल उनकी उपज सीधे खरीदने को प्रोत्साहित करेगा। प्रधानमंत्री की सराहना करते हुए अंबानी ने कहा कि आपकी दूरदर्शी नीतियों ने नॉर्थ-ईस्ट को हाशिए से निकालकर देश के विकास के मुख्य नक्शे पर ला खड़ा किया है।
स्वास्थ्य और खेल में भी बड़ा योगदान
रिलायंस फाउंडेशन के स्वास्थ्य क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों का ज़िक्र करते हुए अंबानी ने बताया कि मणिपुर में 150 बिस्तरों वाला आधुनिक कैंसर अस्पताल बनकर तैयार है। इसके अलावा फाउंडेशन मिजोरम विश्वविद्यालय के साथ मिलकर जीनोमिक डेटा के ज़रिए स्तन कैंसर के उपचार पर भी काम कर रहा है।
गुवाहाटी में एक अत्याधुनिक मॉलिक्यूलर डायग्नोस्टिक्स और रिसर्च लैब भी स्थापित की गई है, जो भारत की सबसे बड़ी जीनोम सीक्वेंसिंग क्षमताओं से लैस होगी। इसके साथ ही रिलायंस फाउंडेशन पूर्वोत्तर के सभी आठ राज्यों में ओलंपिक प्रशिक्षण केंद्र भी शुरू करेगा, जिससे वहां के युवा भविष्य में देश के लिए ओलंपिक पदक जीतने का सपना साकार कर सकें।
