हाल ही में ऑपरेशन सिंदूर में मात खाने के बाद पाकिस्तान एक बार फिर चीन की शरण में जा बैठा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान अब चीन से पाँचवीं पीढ़ी के J-35A स्टील्थ फाइटर जेट हासिल करने की तैयारी में है। बताया जा रहा है कि पाकिस्तानी विदेश मंत्री इशाक डार ने ऑपरेशन सिंदूर के तुरंत बाद चीन की यात्रा कर इस सौदे को अंतिम रूप दिया।
हालांकि, इस विमान का उत्पादन अभी आरंभ ही हुआ है, ऐसे में चीन इसकी जल्द डिलीवरी कर पाएगा या नहीं, इसे लेकर सवाल उठ रहे हैं। पहले डिलीवरी की समयसीमा 2029 तय थी। पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति पहले ही अंतरराष्ट्रीय मदद पर निर्भर है, ऐसे में इतने महंगे लड़ाकू विमान खरीदना उसके लिए आसान नहीं। विशेषज्ञों का मानना है कि ये ख़बरें महज़ जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश भी हो सकती हैं।

किसके पास हैं पांचवीं पीढ़ी के फाइटर जेट्स?
दुनिया की बड़ी ताकतों में अमेरिका, रूस और चीन के पास पहले से ही एडवांस फाइटर जेट्स हैं। चीन के पास करीब 300 J-20 फाइटर जेट्स मौजूद हैं और हर साल इनकी संख्या में इज़ाफा हो रहा है। साथ ही, 2024 के आखिर में चीन ने छठी पीढ़ी के दो नए लड़ाकू विमानों का भी प्रदर्शन किया।
अमेरिका के पास F-35 लाइटनिंग और F-22 रैप्टर जैसे अत्याधुनिक स्टील्थ फाइटर जेट्स हैं। दूसरी ओर, रूस के बेड़े में Su-57 फेलन शामिल है, जिसे इसकी बेहतरीन सुपरमेन्युवरेबिलिटी और रडार से बच निकलने वाली स्टील्थ तकनीक के लिए जाना जाता है।
भारत का जवाब – AMCA
भारत भी अब पाँचवीं पीढ़ी के फाइटर जेट्स की रेस में शामिल हो चुका है। रक्षा मंत्रालय ने AMCA (Advanced Medium Combat Aircraft) प्रोजेक्ट को मंज़ूरी दे दी है। DRDO और एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी(ADA) द्वारा डिज़ाइन किया गया यह दो इंजन वाला मल्टीरोल फाइटर जेट होगा, जिसमें स्टील्थ तकनीक के साथ AI पावर्ड इलेक्ट्रॉनिक पायलट और मल्टी-सेंसर डाटा फ्यूज़न सिस्टम होगा। उम्मीद है कि 2035 तक इसे भारतीय वायुसेना में शामिल कर लिया जाएगा।
रूस का ऑफर
रूस ने भारत को अपने Su-57 लड़ाकू विमान की पेशकश की है। रूस का कहना है कि इसका स्टील्थ डिजाइन इसे दुश्मन के रडार की पकड़ में आने से बचाता है और इसकी जबरदस्त सुपरमेन्युवरेबिलिटी इसे हवाई युद्ध में बेहद घातक बनाती है। यह विमान 2600 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से 20,000 मीटर की ऊंचाई तक उड़ान भरने की क्षमता रखता है।
अमेरिका का F-35
F-35 एक बहुउद्देश्यीय लड़ाकू विमान है, जो वायु, थल और जल — तीनों मोर्चों पर मिशन को अंजाम देने में सक्षम है। इसकी लगभग 2800 किलोमीटर की मारक दूरी और आधुनिक स्टील्थ तकनीक इसे दुश्मन के लिए बेहद खतरनाक बना देती है। अमेरिका के इस विमान की खरीद को लेकर भारत में भी चर्चा है।
जहां चीन-पाकिस्तान एक-दूसरे का सहारा लेकर भारत को चुनौती देने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं भारत भी अपनी सैन्य ताकत को नए स्तर पर ले जाने में जुटा है। भारत का AMCA प्रोजेक्ट भविष्य में देश की सुरक्षा को नई धार देगा और 5वीं पीढ़ी के फाइटर जेट्स की दुनिया में भारत को मजबूती से खड़ा करेगा।
