विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने दो टूक शब्दों में कहा है कि भारत आतंकवाद को जड़ से मिटाना चाहता है। उन्होंने साफ कर दिया कि यदि फिर कभी पहलगाम में हुए हमले जैसी कोई आतंकी वारदात होती है, तो भारत आतंकवादियों के खिलाफ पाकिस्तान की सरजमीं पर फिर से सख्त कार्रवाई करेगा। उन्होंने बताया कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंधित अधिकांश खूंखार आतंकी फिलहाल पाकिस्तान के बड़े शहरों में खुलेआम घूम रहे हैं और वहां की सरकार व सेना उनकी मदद कर रही है।

जयशंकर ने बताया कि भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम को लेकर सीधा संवाद हुआ था और दोनों देशों ने आपसी सहमति से इस पर मुहर लगाई थी। उन्होंने यह बात अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे के संदर्भ में कही जिसमें ट्रंप ने कहा था कि वाशिंगटन ने दोनों पड़ोसी देशों के बीच युद्धविराम कराने में भूमिका निभाई थी।
पाकिस्तान को चेतावनी
नीदरलैंड के समाचार चैनल एनओएस और अखबार डी वोल्क्सक्रांट को दिए गए साक्षात्कार में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि यदि भारत पर फिर आतंकी हमला किया गया, तो भारत पाकिस्तान में सक्रिय आतंकियों को उनके ठिकानों पर जाकर जवाब देगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसी वजह से ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को अब तक बंद नहीं किया गया है। डेनमार्क, जर्मनी और नीदरलैंड की यात्रा के दौरान हेग शहर में जयशंकर ने कहा कि इस अभियान के माध्यम से ये कड़ा संदेश दिया जा रहा है कि यदि 22 अप्रैल जैसी घटनाएं दोबारा होती हैं तो भारत अपनी प्रतिक्रिया देने में एक पल की भी देर नहीं करेगा।
विदेश मंत्री ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि आतंकियों को वहीं मारा जाएगा, जहां वे छिपे होंगे। जयशंकर ने स्पष्ट किया कि ऑपरेशन का जारी रहना सिर्फ गोलीबारी नहीं है, बल्कि यह एक सख्त संदेश है कि भारत अपनी सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि कोई भी यह न समझे कि पाकिस्तान को अपने देश में हो रही गतिविधियों की खबर नहीं है। उनके पास उन आतंकियों के पते, संपर्क और हरकतों की पूरी जानकारी है। उन्होंने कहा, ‘हम यह मानने को तैयार नहीं हैं कि पाकिस्तान इसमें शामिल नहीं है, क्योंकि उनकी सरकार और सेना इस पूरी साज़िश में बराबर की हिस्सेदार हैं।’
ऑपरेशन सिंदूर : आतंकियों के ठिकानों पर करारे वार
भारत ने 22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में 6 और 7 मई की रात ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत आतंकियों के नौ ठिकानों पर सटीक हमले किए। इसके बाद पाकिस्तान ने 8, 9 और 10 मई को भारतीय सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश की, लेकिन भारतीय सेना ने हर बार मुंहतोड़ जवाब दिया। 10 मई को विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने घोषणा की कि भारत और पाकिस्तान ने ज़मीन, आसमान और समुद्र — तीनों मोर्चों पर तत्काल प्रभाव से गोलीबारी और सैन्य कार्रवाइयों को रोकने पर सहमति जताई है।
अमेरिका से बातचीत का खुलासा
जयशंकर ने बताया कि जब दोनों देशों के बीच हालात बिगड़ रहे थे, उस समय कई देशों के नेताओं ने भारत और पाकिस्तान दोनों से बातचीत की थी। उन्होंने कहा कि संघर्ष विराम की शर्तों को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच सीधे बातचीत हुई थी। जयशंकर ने यह भी कहा कि भारत ने सभी देशों को साफ कर दिया था कि पाकिस्तान को अगर युद्ध रोकना है तो उसके जनरल को भारत के जनरल से बात करनी होगी — और अंत में वही हुआ
