उत्तर प्रदेश सरकार ने देश के युवाओं के लिए एक अहम फैसला लिया है। अब यूपी पुलिस, पीएसी, घुड़सवार आरक्षी और फायरमैन की भर्ती में पूर्व अग्निवीरों को 20 प्रतिशत पदों पर आरक्षण दिया जाएगा। इस संबंध में गृह विभाग के प्रमुख सचिव संजय प्रसाद ने आदेश जारी कर दिए हैं।
2026 से लागू होगा आरक्षण का लाभ

सरकारी आदेश के अनुसार, वर्ष 2026 और उसके बाद अग्निवीर योजना के तहत चार साल की सेवा पूरी करने वाले युवा इस विशेष आरक्षण का लाभ ले सकेंगे। सेना में सेवा देने के बाद बाहर होने वाले इन अग्निवीरों को पुलिस भर्ती में पूर्व सैनिकों की तर्ज पर अधिकतम आयु सीमा में तीन साल की छूट भी दी जाएगी।
इसके अलावा, भर्ती प्रक्रिया में पूर्व अग्निवीरों को उनकी श्रेणी के अनुसार ही समायोजित किया जाएगा। यानी जो श्रेणी उम्मीदवार की होगी, उसी में उसे मौका मिलेगा।
कैबिनेट बैठक में लिया गया था निर्णय
उत्तर प्रदेश सरकार ने 3 जून को हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि इस आरक्षण से कुल आरक्षण सीमा 50 प्रतिशत से अधिक न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए।
अग्निवीर योजना का लाभकारी विस्तार
ध्यान देने वाली बात है कि केंद्र सरकार ने युवाओं को सेना में शामिल करने के उद्देश्य से ‘अग्निवीर योजना’ शुरू की थी। इस योजना के तहत युवा चार वर्षों तक सेना में रहकर देश की सेवा करते हैं। सेवा पूरी करने के बाद वे दोबारा सामान्य नागरिक जीवन में लौट आते हैं। ऐसे में उनके अनुभव और अनुशासन का लाभ उठाने और उन्हें जीवन में सहयोग देने के लिए यूपी सरकार ने पुलिस भर्ती में 20% आरक्षण देने का फैसला किया है।
अनुशासित और अनुभवी पुलिस बल की उम्मीद
इस कदम से यूपी पुलिस को अनुशासित, प्रशिक्षित और देशभक्ति से ओत-प्रोत जवान मिलेंगे। वहीं, अग्निवीरों को भी नौकरी का स्थायी अवसर मिलेगा, जिससे उनका भविष्य सुरक्षित होगा।
युवाओं में नया उत्साह
योगी सरकार का यह फैसला प्रदेश के युवाओं के लिए आशा की नई किरण बनकर आया है। इससे न केवल पुलिस बल की कार्यक्षमता में सुधार होगा, बल्कि देशभक्ति और सेवा भावना भी और मजबूत होगी। अब देखना यह है कि इस नई व्यवस्था से पुलिस भर्ती में किस तरह के सकारात्मक बदलाव देखने को मिलते हैं।
